12 thoughts on “Anmol Azaadi…

  • August 15, 2010 at 6:11 AM
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    जो शहीद हुए आजादी के लिए
    उनकी आत्मा रोती है
    जो देश का है असली अधिकारी
    उसके तन पे लंगोटी है
    रोटी कपड़ा और मकान का
    नारा तो अब बेमानी हुआ
    लोकतंत्र के राजा वजीरो की
    लुच्चे-टुच्चों के हाथ गोटी है

    विचारोत्ते्जक लेख के लिए आभार
    स्वतंत्रता दिवस की बधाई

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  • August 15, 2010 at 3:57 PM
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    rajat bahut dino baad tumhari koi kavita aayee hai.. timhari kavita ka intjaar tha.. kyonki naa kewal tumhare shabd achhe hote hain balki tumhara graphic presentation, use aur bhi aakarshak banata hai… sahi samay par tumhari rachna aayee hai.. sunder kavita hai..

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  • August 15, 2010 at 3:57 PM
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    क्या बात है ! बहुत खूब !

    अंग्रेजों से हासिल मुक्ति-पर्व मुबारक हो !
    समय हो तो अवश्य पढ़ें :

    आज शहीदों ने तुमको अहले वतन ललकारा : अज़ीमउल्लाह ख़ान जिन्होंने पहला झंडा गीत लिखा http://hamzabaan.blogspot.com/2010/08/blog-post_14.html

    शहरोज़

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  • September 3, 2010 at 11:08 AM
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    भ्रष्ट राजनेता अपने बाप की जागीर मान बैठे है हर प्रदेश को ! अब इस भ्रम से ही तो उन्हें बाहर निकलना है ! अच्छी कविता लिखी है आपने और मेरे ब्लॉग पर आने का शुक्रिया !

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  • September 20, 2010 at 6:16 AM
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    bahut hi sundar rachna,…
    ———————————-
    मेरे ब्लॉग पर इस मौसम में भी पतझड़ ..
    जरूर आएँ..

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  • October 6, 2010 at 7:02 AM
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    बहुत दिन हुए आपका कुछ पढने को नहीं मिला

    मेरे ब्लॉग पर मेरी नयी कविता संघर्ष

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  • July 24, 2011 at 10:35 AM
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    ANMOL AAZAADI

    I am impressed……..
    superb

    –Chaitali

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